गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

कुछ शेर

तू मुझसे ही लड़, मुझे ही हथियार बना,
मिटा दे मेरी हस्ती को।
तुझको भी मुझसे इश्क़ है ये भरम बना रहने दे।
जब तक चलती हैं सांसें तब तक तो चलने दे।
दुनिया ये भरम है अदीबों ने कहा है,
दुनिया के भरम को दुनिया में बना रहने दे।
मत ले तू इश्क़ के और इम्तेहां,
तू नाक़ाम हुआ तो दर्द मुझे ही होगा।
तू एक दिन लौट आएगा यक़ीन है मुझको,
इश्क़ की ताक़त का अंदाज़ा तुझे भी है
तू तो बस दुनियादारी देख
मुझे तो इश्क़ में डूबा रहने दे।

ग़ज़ल

भूख लगेगी जब भी तो सपने काम आ जाएंगे।
प्यास लगेगी तो अपने ही आंसू प्यास बुझाएंगे।।

दर्द का रिश्ता सच्चा रिश्ता, मान भी लो,
पाँव थकेंगे खुशियों के तो ये ही साथ निभाएंगे।।

साथ तुम्हारे जिये हुए कुछ लम्हे लेकर बैठा हूँ,
अब तो बस ये ही हैं सांसे, ये ही पार लगाएंगे।

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

अपना अंदाज़

अपना अंदाज़ फकीराना।
अपनी हर बात कबीराना।
महल दुमहले रख अपने
जीने दे मुझको मेरे सपने
सपने भी मेरे हैं शायराना।
-अरुण शेखर